उत्तराखंड
धर्म: उत्तराखंड में कल से है सावन का महीना शुरू,ऐसे करें पूजा,
देहरादून- पूर्णिमा से शुरू होने वाले चंद्रमास के अनुसार गुरुवार से आस्था के महासावन की शुरुआत हो चुकी है। जबकि सूर्य की संक्रांति से प्रारंभ होने वाले सौरमास सावन 16 जुलाई से शुरू हो रहा है। दोनों आधार पर पहला सोमवार 18 जुलाई को रहेगा। सौरमास पंचांग मानने वाले पर्वतीय समाज के लोगों को 15 अगस्त पांचवे सोमवार के रूप में मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित उदय शंकर भट्ट बताते हैं कि सावन में शिवजी व देवी पार्वती की पूजा करनी चाहिए। सावन में सोमवार, प्रदोष व चतुर्दशी तिथियों पर भगवान शिव की पूजा की जाती है। उसी तरह सावन में आने वाले मंगलवार व तीज यानी तृतीया तिथि को भी देवी पार्वती की पूजा करने का विधान है। इस तिथि की स्वामी देवी गौरी हैं।
सौरमास का आरम्भ सूर्य की संक्रांति से होता है। सूर्य की एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति का समय ही सौरमास है। (सूर्य मंडल का केंद्र जिस समय एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, उस समय दूसरी राशि की संक्रांति होती है। एक संक्रांति से दूसरी संक्राति के समय को सौर मास कहते हैं। 12 राशियों के हिसाब से 12 ही सौर मास होते हैं। यह मास प्रायः तीस-एकतीस दिन का होता है । कभी कभी उनतीस और बत्तीस दिन का भी होता है। एक सूर्य-संक्रांति से दूसरी सूर्य-संक्रांति तक का सारा समय जो लगभग 30 या 31 दिनो का होता है।
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