Connect with us

उत्तराखंड: उद्यान विभाग में कई बड़े घोटाले, कौन करेगा जांच हाईकोर्ट में होगा फैसला…

उत्तराखंड

उत्तराखंड: उद्यान विभाग में कई बड़े घोटाले, कौन करेगा जांच हाईकोर्ट में होगा फैसला…

उत्तराखंड में उद्यान विभाग में कई बड़े घोटाले हुए है। घोटलों की जांच का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। बताया जा रहा है कि ये सुनवाई घोटाले की जांच सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर हुई है। मामले में कोर्ट ने कहा है कि 9 अगस्त की सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि मामले की जांच कौन करेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट में दीपक करगेती ने जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा है कि उद्यान विभाग में कई घोटाले हुए हैं। उद्यान विभाग में लाखों का घोटाला किया गया है, जिसमें फल और अन्य के पौधरोपण में गड़बडियां की गईं हैं। विभाग की ओर से एक ही दिन वर्क ऑर्डर जारी कर उसी दिन जम्मू-कश्मीर से पेड़ लाना दिखाया गया है, जिसका पेमेंट भी कर दिया गया। शीतकालीन सत्र में निलंबित उद्यान निदेशक की ओर से पहले एक नकली नर्सरी अनिका ट्रेडर्स को पूरे राज्य में करोड़ों की पौध खरीद का कार्य देकर बड़े घोटाले को अंजाम दिया।

यह भी पढ़ें 👉  Pamphlet contre un vampire | (EPUB, PDF, E-Book)

बताया जा रहा है कि जब उद्यान लगाओ उद्यान बचाओ यात्रा से जुड़े किसानों और उत्तरकाशी के किसानों की ओर से जोर शोर से इस प्रकरण को उठाया गया तो आननफानन अनिका ट्रेडर्स के आवंटन को रद्द करने का पत्र जारी कर दिया गया लेकिन साथ में पौधे भी अनिका ट्रेडर्स के बांटे गए। इधर, नैनीताल में मुख्य उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार सिंह के साथ मिलकर बवेजा ने एक फर्जी आवंटन जम्मू कश्मीर की एक और नर्सरी बरकत एग्रो फार्म को कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  Financial Intelligence: A Manager's Guide to Knowing What the Numbers Really Mean : eBook (PDF, EPUB)

वहीं भौतिक सत्यापन में भी गड़बड़ी का जिक्र याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में किया है। बरकत एग्रो फार्म को इनवॉइस बिल आने से पहले ही भुगतान कर दिया गया तो कहीं बिलों पर अकाउंटेंट के हस्ताक्षर के बिना ही करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए गए। याचिका में गया कि इस पूरे मामले में कई वित्तिय व अन्य गड़बडियां हुई है जिसकी सीबीआई या फिर किसी निक्षपक्ष जांच एजंसी से जांच कराई जाए।

इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई है।मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि उसने सभी फाइल का अध्ययन कर लिया है। प्राथमिक तौर पर इस मामले में केस दर्ज किया जा सकता है। वहीं, सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह निर्णय 9 अगस्त की सुनवाई के पश्चात लिया जाएगा कि घोटाले की जांच सीबीआई करेगी या एसआईटी।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की जनपद बागेश्वर के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा

पूर्व में कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि घोटाले के जो बिंदु जनहित याचिका में उठाए गए हैं क्या उनकी प्रारंभिक जांच हो सकती है। याचिकाकर्ता ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का विरोध किया। उनका कहना था कि एसआईटी सरकार की एजेंसी है। मामले में सरकार के अधिकारी शामिल है जो जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

Latest News -
Continue Reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

VIDEO ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

उत्तराखंड

Testament mit Hund – (Deutsch)

उत्तराखंड

Public administration | [E-Book PDF]

Advertisement
To Top