Connect with us

सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को मिलेंगे 4-4 हजार प्रतिमाह

उत्तराखंड

सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को मिलेंगे 4-4 हजार प्रतिमाह

देहरादून: जनपद में बीते दिवस रात्रि में अतिवृष्टि से आई भीषण आपदा जहां राज्य सहित जिले के सभी हिस्से प्रभावित हुए। आपदा की सूचना मिलते ही जहां जिलाधिकारी सविन बसंल ने रात्रि में आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों को घटना स्थल की ओर रवाना किया वहीं स्वयं रात्रि में चल रहे आपदा राहत कार्यों की माॅनिटिरिंग करते हुए पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे तथा अधिकारियों दिशा-निर्देश जारी किए।

जिले में भारी वर्षा की चेतावनी के दृष्टिगत पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर तथा 15 की रात्रि पूरी रात नही सोया प्रशासनिक अमला; डीएम अधिकारियों से फीडबैक प्राप्त करते रहे। आपदा की सूचना मिलते ही मजिस्टेªट आईआरएस से जुड़े विभागों के अधिकारी/कार्मिक, फोर्स रात्रि में ही उपकरणों सहित आपदा स्थल को रवाना हो गए थे।

जिलाधिकारी व एसएसपी लगभग 8 किमी पैदल दूरी नाप, प्रभावितों तक पुंहुचे तथा आपदा से सम्पर्क विहीन हुए कार्लीगाड में 24 घंटे से फसे 70 लोगों को फोर्स के माध्यम से करवाया रेस्क्यू; सुरक्षित स्थान पर किया शिफ्ट करवाया गया। इस भीषण आपदा प्रभावित क्षेत्र में डीएम एसएसपी ग्राउंड जीरो पर डटे रहे तथा दोनों तरफ से कट आॅफ हुए कार्लीगाड में फंसे लोगों रेस्क्यू करवाया।

यह भी पढ़ें 👉  चार दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंचा उड़ीसा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल…

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा; मुसीबत या अनहोनी को न्यून करना जिला प्रशासन का दायित्व है तथा वह इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। डीएम ने आपदा पीड़ितो से राहत शिविर में मिलकर ढांढस बंधाया तथा प्रभावितों हर संभव सहायता को भरोसा दिलाया। सुरक्षित स्थानों में किराए पर शिफ्ट होने के लिए प्रभावित प्रति परिवार को जिला प्रशासन 4-4 हजार रू0 की धनराशि प्रतिमाह देगा।

एयरपोर्ट पर मा लोकसभा अध्यक्ष को रिसीव करने की प्रोटोकाॅल ड्यूटी उपरान्त जिलाधिकारी ने आपदा कंट्रोलरूम पहुंच आपदा रेस्क्यू रिलीफ ऑपरेशन का-ऑर्डिनेट करते हुए समस्त एसडीएम, तहसीलदारों एवं रेस्क्यू में लगी फोर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इसके उपरान्त जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सीधे आपदाग्रस्त क्षेत्र कार्लीगाड, मजाड़ सहस्त्रधारा की ओर रवाना हुए तथा सहस्त्रधारा से लगभग 8 किमी पैदल चल मजाड़ गांव पंहुचे जहां जानमाल का नुकसान हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ किया

वहीं दोनों तरफ से सम्पर्क मार्ग एवं आवाजाही से अवरूद्ध हुए कार्लीगाड गांव में फंसे परिवारों एवं 70 लोगो को फोर्स के माध्यम से रेस्क्यू कराया तथा उन्हे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। जहां डीएम के निर्देश पर उप जिलाधिकारी हरिगिरि तड़के से तैनात थे तथा रेस्क्यू कार्य संचालन करवा रहे थे सहस्त्रधारा में उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी रात्रि से ही राहत बचाव कार्य संचालन करवा रहे थे तथा जिलाधिकारी को पल-पल की स्थिति की जानकारी देते हुए निर्देश प्राप्त कर रहे थे।

जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थान चिन्हित करते हुए 5 होटल वाईब्स लाईन, आईसबर्ग, हेली रिसार्ट एण्ड रेस्टोरेंट, होटल हिल व्यू, पर्ल इन अधिग्रहित करते हुए 10 कार्मिकों को भी तैनात किया गया है, तथा जिला पर्यटन विकास अधिकारी को नोडल तथा सहायक खण्ड विकास अधिकारी रायपुर को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। शविर में प्रभावित लोगों से मिलते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 102 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की…

जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत सामग्री वितरण, मार्गों की सुगमता तथा आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति में कोई बाधा न आने पाए। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण हेतु पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

Latest News -
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

VIDEO ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
To Top