Connect with us

एक माह के भीतर मां-पिता को खोने वाली बेटी के नहीं डिगे हौसले, अंतिम संस्कार से पहले दिया एग्जाम…

उत्तराखंड

एक माह के भीतर मां-पिता को खोने वाली बेटी के नहीं डिगे हौसले, अंतिम संस्कार से पहले दिया एग्जाम…

उत्तराखंड में गुलदार के आतंक का एक परिवार शिकार हो गया है। हाल ही में उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के भड़कोट गांव में एक महिला को गुलदार ने शिकार कर मौत के घाट उतारा था। उसी मां की बेटी ने बहादुरी दिखा कर मिसाल पेश की है। हर कोई इस बेटी के हौसलों को सलाम कर रहा है। आइए आपको पूरी कहानी बताते है।

दरअसल उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के भड़कोट गांव में घर के पास घास काटने गई 42 वर्षीय महिला को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। मृतक भागीरथी देवी के पति भूपति प्रसाद नौटियाल की भी एक माह पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनके दो बच्चे मनीषा (21) और शुभम (19) अभी कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। इनके पास आर्थिकी का कोई साधन नहीं है। बेटी पर घर की जिम्मेदारी आ गई है। मां अपनी बेटी को पढ़ा-लिखा कर पैरों पर खड़ा करना चाहती थी। बेटी अब अपनी मां के इस सपने को पूरा करने में जुट गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में फिल्म ‘गोदान’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री धामी के निर्देश… 

बताया जा रहा है कि एक माह के भीतर पिता के बाद अब मां को खोने से जहां बच्चे अनाथ हो गए। उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तो वहीं बच्चों ने ऐसे में अपनी हिम्मत को टूटने नहीं दिया। मां को खोने वाली बेटी अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए उसके अंतिम संस्कार से पहले अपना बीए प्रथम वर्ष का पेपर देने गई। पेपर देकर लौटी बेटी ने नम आंखों से अपनी मां को विदा किया। जिसके बाद पूरे रिति रिवाज के साथ भागीरथी देवी का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव रो पड़ा।

यह भी पढ़ें 👉  राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पर्वतीय जिलों को मिली विशेषज्ञ चिकित्सकों की बड़ी सौगात
Latest News -
Continue Reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

VIDEO ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

उत्तराखंड

Testament mit Hund – (Deutsch)

उत्तराखंड

Public administration | [E-Book PDF]

Advertisement
To Top