Connect with us

कैंची धाम में मेले की तैयारियां पूरी, पुलिस प्रशासन ने किया रूट डायवर्ट…

उत्तराखंड

कैंची धाम में मेले की तैयारियां पूरी, पुलिस प्रशासन ने किया रूट डायवर्ट…

अगर आप पहाड़ का सफर करने का प्लान बना रहे है तो पहले ये खबर पढ़ लें वरना आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जी हां उत्तराखंड के नैनीताल जिले के कैंची धाम में मेला लगने की वजह रूट डायवर्ट किया गया है। नीम करोली बाबा के कैंची धाम आश्रम में हर साल 15 जून को भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में रूट भी बदला रहेगा।

बता दें कि नीम करोली बाबा पहली बार 1961 में यहां आए थे। बाबा ने अपने मित्र पूर्णानंद के साथ मिलकर कैंची धाम में आश्रम बनाने पर विचार किया था। इसके बाग 15 जून 1964 में इस आश्रम की स्थापना की थी. इस साल कैंची धाम आश्राम का 59वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया जाता है। इस साल मालपुआ बनाने के लिए यूपी के मथुरा के सोंख गांव से 45 कारीगर आए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Translation as a Profession - eBook (PDF, EPUB)

गौरतलब है कि उत्‍तराखंड के नीम करोली बाबा को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है। ये धाम नैनीताल जिले से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मान्यता है कि नीम करोली बाबा पर हनुमानजी की असीम कृपा थी। यही वजह है कि बाबा नीम करोली के भक्त पूरी दुनिया में हैं।  इसे देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक माना जाता है। कैंची धाम से कई चमत्कारिक कहानियां भी जुड़ी हैं।

ये रहेगा रूट प्लान

ट्रैफिक प्लान के तहत श्रद्धालुओं को शटल सेवा से कैंची धाम भेजा जाएगा। अब रूट प्लान के बारे में भी जान लें। नैनीताल से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ को जाने वाले वाहन भवाली रामगढ़ तिराहे से होते हुए मल्ला रामगढ़, नथुवाखान, क्वारब से भेजे जाएंगे। 14 जून को हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने वाले यात्री वाहन खुटानी मोड़ पदमपुरी, पोखराड़, कश्याखेत, शीतला मोना, ल्वेशाल एवं क्वारब होते हुए रवाना होंगे।

यह भी पढ़ें 👉  Η φωνή του βιολιού - Βιβλία Δωρεάν για Κατέβασμα

वहीं अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ से आने वाले वाहन क्वारब पुल से मोना ल्वेशाल, शीतला, पदमपुरी होते हुए खुटानी बैंड से भीमताल की ओर प्रस्थान करेंगे। रानीखेत की ओर से आने वाले वाहन क्वारब होते हुए, ल्वेशाल, खुटानी बैंड से भीमताल की भेजे जाएंगे। कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं, ये भी बताते हैं।

नैनीताल की ओर से कैंचीधाम आने वाले चार पहिया वाहनों को सेनिटोरियम-रातीघाट रोड पर पार्क कराया जाएगा। यात्रियों को सेनिटोरियम बैरियर से शटल सेवा से कैंची धाम भेजा जाएगा। खैरना से आने वाले वाहनों को पेट्रोल पंप के पास पार्क कराया जाएगा। वहां से श्रद्धालु शटल सेवा के जरिए पनीराम ढाबे तक पहुंचेंगे। भीमताल-नैनीताल की ओर से कैंची जाने वाले दुपहिया वाहन भवाली में रामलीला परिसर एवं पेट्रोल पंप के पास पार्क कराए जाएंगे, वहां से श्रद्धालुओं को शटल से कैंची धाम ले जाया जाएगा। शटल गाड़ियां वन विभाग बैरियर तक ही जाएंगी।

यह भी पढ़ें 👉  तहसील दिवस में जनता की समस्याओं का मौके पर हुआ निस्तारण

वहां से श्रद्धालु कैंची मंदिर तक पैदल ही जाएंगे। एसपी क्राइम व ट्रैफिक जगदीश चंद्र ने कहा कि भवाली से केवल शटल सेवा से ही भक्त कैंची धाम जाएंगे। किसी को भी निजी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। काठगोदाम से भवाली (नैनी बैंड) मार्ग वन-वे रहेगा। स्थापना दिवस के दौरान भवाली से कैंची धाम तक सड़क किनारे बिना अनुमति भंडारा व जलपान कराना प्रतिबंधित रहेगा।

Latest News -
Continue Reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

VIDEO ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

उत्तराखंड

Sydäntuli – Ekirja (PDF, EPUB)

उत्तराखंड

Sydäntuli – Ekirja (PDF, EPUB)

Advertisement
To Top