Connect with us

अल्मोड़ा ,पौड़ी की सांझी विरासत हैं, मेजर गौरव आर्य

उत्तराखंड

अल्मोड़ा ,पौड़ी की सांझी विरासत हैं, मेजर गौरव आर्य

फेसबुक और युटुब पर अक्सर अपने रक्षा विशेषज्ञ के रूप में अपनी खरी खरी बातों से पाकिस्तान ओर पाकिस्तानियों को धो डालने वाले गौरव आर्य का संबंध उत्तराखंड से रहा है।

शायद कम लोग जानते होगे कि गौरव अल्मोड़ा के रहने वाले है।ओर उनका ननिहाल पौड़ी में है। इनके पिता डी के. के आर्य भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे है।जब इनकी पोस्टिंग भारत तिब्बत पुलिस में कमांडेंट के रूप में जोशीमठ में थी,तब 1972 में गौरव का जन्म जोशीमठ चमोली में हुआ था।

यह भी पढ़ें 👉  तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही लक्ष्य : प्रदीप बत्रा…

गौरव आर्य ने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन कर कुमाऊं रेजिमेंट से अपने करियर की शुरूवात की थी। मेजर गौरव आर्य ने 1999 में कारगिल के ऐतिहासिक युद्ध में शानदार प्रदर्शन करने के बाद आंतों में गंभीर संक्रमण के कारण 10वर्षों की सेवा के बाद सेना से स्वेच्छा से पद त्याग कर दिया था।

गढ़वाल में एक जमाने के सुप्रसिद्ध नेता और स्वाधीनता सेनानी बलदेव सिंह आर्य , गौरव आर्य के नानाजी थे। इनकी बड़ी पुत्री चन्द्र कला का विवाह डी के.के आर्य से हुआ था। स्मरण रहे कि डी के आर्य भारत तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक पद पर पहुंचने वाले पहले पहाड़ी व्यक्ति थे।
गौरव की मौसी बीनू आर्य एक जमाने में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रवक्ता ओर महिला नेत्री भी रही है। गौरव जिस आत्म विश्वास ओर अध्ययन के साथ विदेशी मामलों विशेषकर पाकिस्तान पर बालते है,उससे लग जाता है कि कोई पहाड़ी दहाड़ रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  14 अप्रैल को प्रधानमंत्री करेंगे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुभारम्भ…

मेजर गौरव आर्य 1993- 1999 तक कुमाऊं रेजिमेंट में मेजर पद पर कार्य करते रहे है।स्वास्थ्य कारणों से अवकाश ग्रहण करने से पहले इस देश भक्त ओर प्रखर राष्ट्रवादी व्यक्ति ने चाणक्य फोरम की स्थापना कर अपना एक YouTube चैनल भी शुरू किया। अपनी बेबाक राय और तेवरों के कारण पाकिस्तान में भी इन्हें गौर से सुना जाता है।

यह भी पढ़ें 👉  खटीमा में सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण…

गौरव आर्य भू राजनीति,राष्ट्रीय सुरक्षा,ओर विदेश नीति,विशेष कर कूटनीतिक मसलों पर कुशल विश्लेषक और वक्ता रहे है। अक्सर राष्ट्रीय चैनलों ओर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के विरुद्ध तथ्यों के साथ ललकारने वाले गौरव पहाड़ के स्वाभिमान के प्रतीक है।

Latest News -
Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

VIDEO ADVERTISEMENT

ट्रेंडिंग खबरें

Advertisement
To Top